केंद्र सरकार के 12 लाख कर्मचारी Zoho प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट, ईमेल सिस्टम में सुरक्षा और सुविधा का नया अध्याय

केंद्र सरकार ने डिजिटल बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब 12 लाख सरकारी कर्मचारी अपने ईमेल और ऑफिस टूल्स के लिए Zoho प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे। पहले सरकार के कर्मचारी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सिस्टम पर निर्भर थे, लेकिन अब यह जिम्मेदारी Zoho को सौंपी गई है।

Zoho पर शिफ्ट क्यों?

Zoho एक स्वदेशी सॉफ्टवेयर कंपनी है, जो ऑफिस सूट, क्लाउड स्टोरेज, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन टूल्स सहित 45 से अधिक एप्स प्रदान करती है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को ओपन-सोर्स एप्लीकेशन के बजाय सुरक्षित और एकीकृत प्लेटफॉर्म देना है। इससे वर्ड फाइल्स, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन तैयार करने में सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ती हैं।

ईमेल डोमेन में कोई बदलाव नहीं

सरकारी ईमेल डोमेन जैसे @gov.in और @nic.in वैसा ही रहेंगे। अंतर केवल इतना है कि अब ईमेल एनआईसी के सर्वर की बजाय Zoho के सर्वर पर होस्ट होंगे। Zoho के साथ यह कॉन्ट्रैक्ट 7 साल के लिए हुआ है।

डेटा सुरक्षा और भरोसा

Zoho ने सुरक्षा एजेंसियों जैसे NIC और CERT-In की रिपोर्टिंग और सॉफ्टवेयर क्वालिटी सिस्टम ऑडिट के बाद ही यह जिम्मेदारी संभाली है। कंपनी के मालिक श्रीधर वेंबू के अनुसार, हालांकि उनके उत्पादों में अभी एन्क्रिप्शन नहीं है, लेकिन उनका भरोसा है कि यूजर का डेटा सुरक्षित रहेगा और आने वाले समय में एन्क्रिप्शन फीचर भी जोड़ा जाएगा।

सरकारी कर्मचारियों के लिए बदलाव का महत्व

कई कर्मचारी पहले ओपन-सोर्स टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे डेटा सुरक्षा में जोखिम था। Zoho पर शिफ्ट होने से कर्मचारियों को एक एकीकृत और सुरक्षित प्लेटफॉर्म मिलेगा, जो ऑफिस काम को स्मार्ट और व्यवस्थित बनाएगा।

अंत

केंद्र सरकार सुरक्षा और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर स्वदेशी समाधान बढ़ा रही है। Zoho के साथ यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों के लिए नए अनुभव और सुविधा लेकर आएगा।

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